ह िंदी पत्रकारिता में लोक सिंस्कृ हत का हिकास
Keywords:
ह िंदी पत्रकारिता, लोक सिंस्कृ हत, लोक पििंपिा, जनसिंचाि, ग्रामीण समाज, सािंस्कृ हतक चेतना, हिहजटल मीहियाAbstract
िंदी पत्रकारिता का हिकास के िल समाचाि सिंप्रेषण तक सीहमत न ीिं ि ा ै, बल्किउसने भाितीय समाज की लोक सिंस्कृ हत, लोक पििंपिाओिं, लोक भाषाओिं औि जनजीिन को सिंिहित किने में भी म त्त्वपूणण भूहमका हनभाई ै।
References
शमाण, िामकुमाि (2023). ह िंदी पत्रकारिता औि लोक सिंस्कृ हत. नई हदल्ली: िाजकमल प्रकाशन।
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Published
2024-04-20
How to Cite
Dr. Ajay Shukla,Dr. Shraddha Hirkane. (2024). ह िंदी पत्रकारिता में लोक सिंस्कृ हत का हिकास. Journal of Computational Analysis and Applications (JoCAAA), 33(4), 1076–1081. Retrieved from https://www.eudoxuspress.com/index.php/pub/article/view/4537
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